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निजीकरण से देश को होने वाला नुकसान by Parminder Singh bhamba

आज देश का नौजवान बेरोजगारी फिर महँगाई  से बेहद पिसा हुआ है! ईन मूदो पर ख़ामोशी भविष्य में होने वाले भयानक विस्फोट से पहले की शांति प्रतीत होती है! देखने की बात यह है कि देश को जाती धर्म के बीच में उलझकर भाजपा सरकार कब तक असली मुदौ से बची रहती है! सब सरकारी कंपनियों को एक एक करके प्राइवेट कंपनियों के हवाले किया जा रहा है, जिससे सरकारी नौकरीया खत्म होने की कगार पर हैं.! यह महँगाई नाम का दानव भी निजीकरण की वज़ह से ही काबु से बाहर होता नजर आ रहा हैं! हमारे देश में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें तय करने का हक़ सिर्फ निजी कंपनियों को ही है और सरकार के पास यह एक बहाने की तरह है कि यह उनके अधिकारों से बाहर है,लेकिन यह बात किसी से छुपी नहीं है कि पेट्रोल डीजल पर भाजपा सरकार मोटा कर वसूल रही है! 
जिसके कारण इंटरनेशनल बाजार में कम कीमत होने के बावजूद पेट्रोल डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है जिसका असर परिवहन  पर पड़ता है और हर एक चीज में महँगाई बढ़ती जा रही है.!
रेल्वे के प्राइवेट हो जाने से गरीब और मध्यम वर्ग को बहुत नुकसान होने वाला है उनके लिये रेल यात्रा करना पहले से दोगुना महँगा हो जाएगा! 
अब सरकार कृषि क्षेत्र में भी प्राइवेट कंपनियों को जितना वो चाहे भंडारण करने की अनुमति प्रदान करने की तैयारी में है, सरकार का कहना है कि मंडीकरण खत्म होने के बाद किसानों से फसल प्राइवेट कंपनी ने ही खरीदनी है तो उसको भंडारण की अनुमति जरूरी है! 
लकिन इससे किसानों से फसल मनचाहे दामों पर खरीद कर उसका भंडारण करके उसे देश वासियों को अछे खासे दामों पर बेचा जाएगा और पेट की भूख को ईस्तेमाल करके मुनाफाखोरी की जाएगी जिससे देश में हाहाकार मच जाएगा! 
सरकार को सोचना होगा रोजगार, पेट्रोल डीजल, गैस, रेल यात्रा, और रोटी (अनाज) हर किसी के लिए अपने जीवन को चलाने के लिए बहुत जरूरी है, और आज ईन सबके लिए एक आम आदमी हर इक पल बहुत संघर्ष कर रहा है! ना जाने कब यह स्थिति एक विस्फोटक रूप ले ले लेकिन भाजपा सरकार रोम के  शासक  नीरो की तरह अपनी ही धुन में मस्त नजर आ रही है! 



Comments

  1. मुल्क को बर्बाद करने के लिए ही तो आया है, बेवकूफ को अच्छे बुरे का भी ज्ञान नहीं।

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  2. ये bjp वाले अनपड़ देश को बर्बाद करने में लगे हैं।

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  3. बीजेपी मुर्दाबाद

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